वणी :
21वीं सदी प्रतिस्पर्धा का युग है। हर क्षण ज्ञान का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे समय में नगर परिषद स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी इस प्रतिस्पर्धा में कहीं भी पीछे न रहें, इसके लिए शिक्षकों का स्वयं को लगातार अद्यतन रखना बेहद आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए शिक्षकों को आधुनिक ज्ञान, तकनीक और नई शैक्षणिक नीतियों की जानकारी आत्मसात करनी चाहिए, ऐसा प्रतिपादन वणी नगर परिषद की अध्यक्षा विद्याताई आत्राम ने किया।
वे नगर परिषद शिक्षा विभाग की ओर से नगर परिषद स्कूल क्रमांक 7 में आयोजित शिक्षा परिषद के उद्घाटन अवसर पर उद्घाटक के रूप में बोल रही थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा सभापति सोनाली निमकर ने की। प्रमुख अतिथि के रूप में स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष किशोर चांदेकर उपस्थित थे।
प्रास्ताविक में प्रशासन अधिकारी गजानन कासावार ने शिक्षा परिषद के आयोजन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत शिक्षकों से अपेक्षित भूमिका एवं जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। अध्यक्षीय भाषण में शिक्षा सभापति सोनाली निमकर ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहने का आश्वासन देते हुए शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की अपेक्षा व्यक्त की।
इसके बाद स्कूल क्रमांक 7 की शिक्षिका शुभांगी वैद्य ने ‘निपुण महाराष्ट्र’ अंतर्गत लीडर माता-पिता विषय पर मार्गदर्शन किया। दिगंबर ठाकरे ने मूल्य संवर्धन विषय पर विस्तृत जानकारी दी। स्कूल क्रमांक 8 के शिक्षक अविनाश तुंबडे ने डॉ. जयंत नारळीकर गणित एवं विज्ञान अध्ययन समृद्धि उपक्रम के बारे में मार्गदर्शन करते हुए विद्यार्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण कैसे किया जाए, इसका प्रात्यक्षिक के माध्यम से स्पष्टीकरण दिया। साथ ही अध्ययन स्तर पंजीकरण का आढावा लेकर मार्गदर्शन किया गया।
इस अवसर पर शिक्षकों को प्रत्यक्ष अध्यापन के दौरान आने वाली विभिन्न कठिनाइयों पर चर्चा कर उनके समाधान के सुझाव दिए गए। कार्यक्रम का संचालन केंद्र समन्वयक चंदू परेकर ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन विजय चव्हाण ने किया। शिक्षा परिषद में सभी मुख्याध्यापक एवं शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
